विदुर नीति में मूढ़ के लक्षण
महाभारत के उद्योगपर्व के अंतर्गत ‘प्रजागरपर्व’ में विदुर, राजा धृतराष्ट्र को नीति, धर्म और राजकाज की बातें समझाते हैं। इसी क्रम में वे पहल...
महाभारत के उद्योगपर्व के अंतर्गत ‘प्रजागरपर्व’ में विदुर, राजा धृतराष्ट्र को नीति, धर्म और राजकाज की बातें समझाते हैं। इसी क्रम में वे पहल...
महाभारत के उद्योगपर्व के अंतर्गत ‘प्रजागरपर्व’ में विदुर, राजा धृतराष्ट्र को नीति, धर्म और राजकाज की बातें समझाते हैं। इसी क्रम में वे पहल...
कामन्दकीय नीतिसार का सप्तम सर्ग (राजपुत्ररक्षणप्रकरणम् एवं आत्मरक्षणप्रकरणम्) राजा के उत्तराधिकारियों के अनुशासन एवं संस्कार, तथा राजा की...
क्या बहुत-सा ज्ञान अर्जित कर लेना ही मनुष्य को पण्डित बना देता है? ये सवाल शायद आपके भी मन में कभी आया होगा। महाभारत के सबसे व्यावहारिक और...
कामन्दकीय नीतिसार के नवम सर्ग के 45वें श्लोक में संधि (समझौता) की गहरी नीति बताई गई है। यह श्लोक सिखाता है कि बुद्धिमान शासक को संधि करते ...
कर्म का सिद्धांत भारतीय दर्शन की वह मूल अवधारणा है, जिसके अनुसार प्रत्येक विचार, वचन और कर्म का एक परिणाम अवश्य होता है। यह सिद्धांत व्यक...