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कामन्दकीय नीतिसार 10.8: क्षान्ति और उपेक्षा

कामन्दकीय नीतिसार का दशम सर्ग विग्रह और उसके प्रशमन के अनेक आयामों पर विचार करता है। आचार्य कामन्दक यहाँ यह स्पष्ट करते हैं कि संघर्ष का प्...

Anand Singh Dhami 30 सित॰, 2026

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कामन्दकीय नीतिसार 10.8: क्षान्ति और उपेक्षा

कामन्दकीय नीतिसार का दशम सर्ग विग्रह और उसके प्रशमन के अनेक आयामों पर विचार करता है। आचार्य कामन्दक यहाँ यह स्पष्ट करते हैं कि संघर्ष का प्...

Anand Singh Dhami 30 सित॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार 10.7: विग्रह नीति

युद्ध और शांति का प्रश्न राजनीतिक चिंतन के आरंभ से ही महत्वपूर्ण रहा है। किसी संघर्ष को कब शांत करने का प्रयास किया जाए और कब उसका प्रत्यु...

Anand Singh Dhami 29 सित॰, 2026

विग्रह-प्रशमन : कामन्दक नीति सूत्र 10.6

कामन्दकीय नीतिसार, दशम सर्ग, श्लोक 6: विग्रह-प्रशमन की राजनीति कामन्दकीय नीतिसार के दशम सर्ग में विग्रह के कारणों और उनके प्रशमन पर विचा...

Anand Singh Dhami 28 सित॰, 2026

युद्ध के कारण: कामन्दकीय नीतिसार

विग्रहयोनयः: कामन्दकीय नीतिसार में विग्रह के कारण राज्यों के बीच संघर्ष अचानक जन्म नहीं लेता। उसके पीछे कभी अधिकार का विवाद होता है, कभी ...

Anand Singh Dhami 27 सित॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार। विग्रह नीति

कामन्दकीय नीतिसार में विग्रह का अर्थ दो व्यक्तियों के बीच झगड़ा क्यों होता है? दो राष्ट्रों के बीच युद्ध क्यों छिड़ता है? क्या इसका कारण...

Anand Singh Dhami 26 सित॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार नवम सर्ग

कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग (सन्धिविकल्पप्रकरणम्) भारतीय राजनय-परम्परा में संधि-विग्रह के सूक्ष्म वर्गीकरण, संधि-योग्य एवं अनुपयुक्त रा...

Anand Singh Dhami 25 सित॰, 2026