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कामन्दकीय नीतिसार: 16 विग्रह नीति

कामन्दकीय नीतिसार में विग्रह का अर्थ क्या है? संघर्ष किसी राजनीतिक व्यवस्था में केवल साहस का प्रश्न नहीं होता। उसके पीछे कारण, शक्ति, समय,...

Anand Singh Dhami 9 अक्टू॰, 2026

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कामन्दकीय नीतिसार: 16 विग्रह नीति

कामन्दकीय नीतिसार में विग्रह का अर्थ क्या है? संघर्ष किसी राजनीतिक व्यवस्था में केवल साहस का प्रश्न नहीं होता। उसके पीछे कारण, शक्ति, समय,...

Anand Singh Dhami 9 अक्टू॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार: वैर के 5 कारण

कामन्दकीय नीतिसार के श्लोक 16, 17 और 18 में वैर की उत्पत्ति और उसके राजनीतिक कारणों का सूक्ष्म विवेचन मिलता है। दशम सर्ग के इन श्लोकों मे...

Anand Singh Dhami 8 अक्टू॰, 2026

नीतिसार: आपसी झगड़े कैसे रोकें?

क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है जहाँ आपको लगा कि आपके अपने ही लोग आपसे दूर होते जा रहे हैं? या फिर कोई ऐसा संकट आया जिसमें किसी ...

Anand Singh Dhami 7 अक्टू॰, 2026

भेद नीति का रहस्य: महाजन-विग्रह

क्या आपने कभी खुद को अकेला पाया है, उन लोगों के सामने जो ताकतवर भी हैं और एकजुट भी? जब कई शक्तिशाली लोग मिलकर आपके खिलाफ खड़े हो जाएँ, तो ...

Anand Singh Dhami 6 अक्टू॰, 2026

धन हानि और कूटनीति: सर्वनाश से बचें

एक छोटी सी वित्तीय हानि पर क्रोधित होना आपसे कितनी बड़ी कीमत चुकवा सकता है? हम अक्सर धन के एक छोटे हिस्से के नुकसान पर इतने उग्र हो जाते...

Anand Singh Dhami 5 अक्टू॰, 2026

कामन्दक नीति: युद्ध से बचने का उपाय

प्राचीन भारतीय कूटनीति में युद्ध अंतिम उपाय माना गया है। जब दो समान रूप से महत्त्वाकांक्षी शक्तियाँ एक ही लक्ष्य पर अड़ जाएँ, तो टकराव स्वा...

Anand Singh Dhami 4 अक्टू॰, 2026

गुप्त कूटनीति से युद्ध कैसे टालें?

प्राचीन भारतीय राजनीति और युद्धशास्त्र के इतिहास में आचार्य कामन्दक का नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता है। उनके द्वारा रचित ग्रन्थ ‘कामन्दक...

Anand Singh Dhami 3 अक्टू॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार: शांति का रहस्य

दो राज्यों की सीमाओं पर तनातनी है। एक राजा का दूत अपमानित होकर लौटा है, और राजसभा में प्रतिशोध की हुंकार गूँज रही है। दूसरी ओर वह राजा है ज...

Anand Singh Dhami 2 अक्टू॰, 2026