कामन्दकीय नीतिसार श्लोक 9.78
राजनीति और कूटनीति में हर कदम एक जोखिम होता है। एक संधि राज्य की सुरक्षा, शक्ति और राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए संधि के न...
राजनीति और कूटनीति में हर कदम एक जोखिम होता है। एक संधि राज्य की सुरक्षा, शक्ति और राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए संधि के न...
राजनीति और कूटनीति में हर कदम एक जोखिम होता है। एक संधि राज्य की सुरक्षा, शक्ति और राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए संधि के न...
कुछ संघर्ष कभी खत्म नहीं होते। बातचीत की मेज सजती है, समझौतों के प्रस्ताव रखे जाते हैं, लेकिन विरोधी पक्ष टस से मस होने को तैयार नहीं होता।...
कामन्दकीय नीतिसार का श्लोक 76 ऐसी राजनीतिक स्थिति सामने रखता है, जब किसी राजा पर दूसरे पक्ष की ओर से दबाव हो या आक्रमण हो रहा हो। ऐसी परिस्...
युद्ध में उतरने का निर्णय बाहर से जितना सीधा दिखाई देता है, भीतर से उतना ही जटिल होता है। किसी राजा या राज्य के सामने जब संघर्ष का विकल्प आ...
राजनीति में संघर्ष कभी-कभी टाला नहीं जा सकता। लेकिन क्या हर विवाद का उत्तर संघर्ष ही होना चाहिए? कामन्दकीय नीतिसार 9.74 इसी प्रश्न को बहुत...
युद्ध शुरू करना केवल रणभूमि में सेना भेजने का निर्णय नहीं है। उसके साथ मनुष्य, धन, साधन और राज्य की स्थिरता भी दाँव पर लगती है। इसलिए किसी ...
कामन्दकीय नीतिसार का श्लोक 71 युद्ध में प्रत्यक्ष शक्ति के बजाय राजनीतिक संबंधों के उपयोग की एक रोचक स्थिति सामने रखता है। आक्रांत राजा को ...