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उपनिषदों में आत्मज्ञान: महावाक्य

उपनिषदों में आत्मज्ञान की खोज आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गई है। जब साल 2025 भू-राजनीति में पूर्वी यूरोप में युद्धविराम की वार्ता...

Anand Singh Dhami 27 मई, 2026

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उपनिषदों में आत्मज्ञान: महावाक्य

उपनिषदों में आत्मज्ञान की खोज आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गई है। जब साल 2025 भू-राजनीति में पूर्वी यूरोप में युद्धविराम की वार्ता...

Anand Singh Dhami 27 मई, 2026

चाणक्य का रहस्य: कामन्दकीय नीतिसार

क्या कोई ऐसा शासक या मन्त्री हो सकता है जिसे राजा का अन्न न खाना पड़े और फिर भी वह राज्य का सबसे शक्तिशाली स्तम्भ बना रहे? भारतीय नीति-स...

Anand Singh Dhami 26 मई, 2026

ऋत और ऋण: शांति का सच

सूरज हर दिन ठीक समय पर क्यों उगता है? नदियाँ अपना रास्ता क्यों नहीं बदलतीं? और एक अच्छा कर्म करने पर खुशी क्यों मिलती है, जबकि बुराई करने प...

Anand Singh Dhami 25 मई, 2026

कामन्दकीय नीतिसार: इन्द्रियजय

“यस्य प्रभावाद् भुवनं शाश्वते पथि तिष्ठति। देवः स जयति श्रीमान् दण्डधारो महीपतिः॥” यह श्लोक कामन्दकीय नीतिसार के इन्द्रियजयप्रकरणम् के आ...

Anand Singh Dhami 24 मई, 2026

जीत से बड़ी शांति | कामन्दक नीति

क्या जीत से भी बड़ी है प्रजा की खुशी? अक्सर हम सफलता को युद्ध जीतने, प्रतिस्पर्धियों को पछाड़ने या शक्ति हासिल करने से मापते हैं। लेकिन क्...

Anand Singh Dhami 22 मई, 2026