कामन्दकीय नीतिसार 9.48: सिंह और संधि
कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग राजाओं के पारस्परिक संबंधों, युद्ध और संधि जैसे विषयों से जुड़ा है। इसी क्रम में यह श्लोक आता है- ईषदायच्...
कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग राजाओं के पारस्परिक संबंधों, युद्ध और संधि जैसे विषयों से जुड़ा है। इसी क्रम में यह श्लोक आता है- ईषदायच्...
कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग राजाओं के पारस्परिक संबंधों, युद्ध और संधि जैसे विषयों से जुड़ा है। इसी क्रम में यह श्लोक आता है- ईषदायच्...
जीवन में कठिनाई अक्सर विकल्पों की कमी से नहीं, बल्कि सही विकल्प पहचानने की समस्या से पैदा होती है। नौकरी बदलनी हो, विवाह से जुड़ा निर्णय ले...
एक शक्तिशाली सिंह के सामने एक हिरण यह दृश्य केवल वन्यजीवन का आकस्मिक संयोग नहीं, बल्कि शक्ति-असंतुलन की उस कठोर वास्तविकता का प्रतीक है, जि...
बोलना आसान है, सही बोलना कठिन हममें से अधिकांश लोग बोलना जानते हैं, लेकिन क्या हम सचमुच सही संवाद करना जानते हैं? परिवार में छोटी-सी बात...
कामन्दकीय नीतिसार का अष्टम सर्ग (मण्डलशोधनप्रकरणम्) राज्यों के पारस्परिक सम्बन्धों, शत्रु-मित्र-व्यूहरचना, एवं विजिगीषु (विजयेच्छु राजा) ...