कुलोद्भव शत्रु को जीतना कठिन क्यों?
कुलोद्भव शत्रु को जीतना कठिन क्यों होता है? यह प्रश्न प्राचीन भारतीय राजनीति के उस गहरे चिंतन की ओर ले जाता है, जहाँ शत्रु को केवल तलवार से...
कुलोद्भव शत्रु को जीतना कठिन क्यों होता है? यह प्रश्न प्राचीन भारतीय राजनीति के उस गहरे चिंतन की ओर ले जाता है, जहाँ शत्रु को केवल तलवार से...
कुलोद्भव शत्रु को जीतना कठिन क्यों होता है? यह प्रश्न प्राचीन भारतीय राजनीति के उस गहरे चिंतन की ओर ले जाता है, जहाँ शत्रु को केवल तलवार से...
कभी-कभी युद्ध शुरू होने से बहुत पहले ही उसका परिणाम तय होने लगता है। सामने वाला अधिक शक्तिशाली है, और सीधे टकराने का अर्थ नुकसान भी हो सकत...
जीवन में हर बार सीधा मुकाबला करना बुद्धिमत्ता नहीं होती। कई बार परिस्थितियाँ विपरीत होती हैं और सामने खड़ा प्रतिद्वंद्वी हमसे कहीं अधिक शक...
जब सामने वाला बहुत शक्तिशाली हो, तब कामन्दक क्या कहते हैं? हर लड़ाई लड़ना साहस नहीं होता। कई बार असली साहस यह पहचानना होता है कि इस समय ल...
राज्य के पास शक्ति हो तो सबसे आसान निर्णय अक्सर यही लगता है कि उस शक्ति का इस्तेमाल कर दिया जाए। लेकिन प्राचीन भारतीय राज्यनीति का एक महत्...
युद्ध केवल संघर्ष का नाम नहीं है। नीतिशास्त्र की दृष्टि से उसका मूल्य इस बात से तय होता है कि उससे क्या प्राप्त होगा और उसकी कीमत क्या चुक...
जब कोई राजा युद्ध का निर्णय लेता है, तब उसके सामने केवल यह प्रश्न नहीं होता कि उसकी सेना कितनी बड़ी है। असली प्रश्न यह होता है; क्या अभी ...
हमारे जीवन के कई महत्वपूर्ण निर्णय पहली नज़र में बहुत सरल दिखाई देते हैं। नौकरी का आकर्षक अवसर, व्यापार में जल्दी लाभ, कम मेहनत में सफलता ...