कामन्दकीय नीतिसार नवम सर्ग
कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग (सन्धिविकल्पप्रकरणम्) भारतीय राजनय-परम्परा में संधि-विग्रह के सूक्ष्म वर्गीकरण, संधि-योग्य एवं अनुपयुक्त रा...
कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग (सन्धिविकल्पप्रकरणम्) भारतीय राजनय-परम्परा में संधि-विग्रह के सूक्ष्म वर्गीकरण, संधि-योग्य एवं अनुपयुक्त रा...
कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग (सन्धिविकल्पप्रकरणम्) भारतीय राजनय-परम्परा में संधि-विग्रह के सूक्ष्म वर्गीकरण, संधि-योग्य एवं अनुपयुक्त रा...
राजनीति और कूटनीति में हर कदम एक जोखिम होता है। एक संधि राज्य की सुरक्षा, शक्ति और राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए संधि के न...
कुछ संघर्ष कभी खत्म नहीं होते। बातचीत की मेज सजती है, समझौतों के प्रस्ताव रखे जाते हैं, लेकिन विरोधी पक्ष टस से मस होने को तैयार नहीं होता।...
कामन्दकीय नीतिसार का श्लोक 76 ऐसी राजनीतिक स्थिति सामने रखता है, जब किसी राजा पर दूसरे पक्ष की ओर से दबाव हो या आक्रमण हो रहा हो। ऐसी परिस्...
युद्ध में उतरने का निर्णय बाहर से जितना सीधा दिखाई देता है, भीतर से उतना ही जटिल होता है। किसी राजा या राज्य के सामने जब संघर्ष का विकल्प आ...
राजनीति में संघर्ष कभी-कभी टाला नहीं जा सकता। लेकिन क्या हर विवाद का उत्तर संघर्ष ही होना चाहिए? कामन्दकीय नीतिसार 9.74 इसी प्रश्न को बहुत...