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दोहरे मित्र का अंत: कामन्दकीय नीतिसार

राजनीति हो या व्यापार , रिश्तों की दुनिया में सबसे खतरनाक दुश्मन वह नहीं होता जो तलवार लेकर आपके सामने खड़ा हो। सबसे खतरनाक दुश्मन वह होता...

Anand Singh Dhami 10 मई, 2026

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दोहरे मित्र का अंत: कामन्दकीय नीतिसार

राजनीति हो या व्यापार , रिश्तों की दुनिया में सबसे खतरनाक दुश्मन वह नहीं होता जो तलवार लेकर आपके सामने खड़ा हो। सबसे खतरनाक दुश्मन वह होता...

Anand Singh Dhami 10 मई, 2026

भारतीय दर्शन से नेतृत्व कौशल

आज के समय में नेतृत्व की परिभाषा बदल रही है। पहले जहां नेता का मतलब सिर्फ आदेश देना और काम लेना भर समझा जाता था, वहीं अब नेतृत्व का अर्थ ...

Anand Singh Dhami 9 मई, 2026

विनाशकारी शत्रु की पहचान

वह आग जो भीतर से जलाती है बाहरी दुश्मन से तो लड़ा जा सकता है। उसके हमले को देखा जा सकता है, उसकी तलवार को पहचाना जा सकता है और उसके खिलाफ...

Anand Singh Dhami 8 मई, 2026

भारतीय दर्शन और आधुनिक शिक्षा

आज की शिक्षा प्रणाली पर नज़र डालें तो हम पाते हैं कि यह मुख्य रूप से रोजगार की ओर उन्मुख हो गई है। हमारे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, और आईएएस त...

Anand Singh Dhami 7 मई, 2026