कामन्दकीय नीतिसार: कार्य के लिए शत्रु की प्रशंसा - रणनीति
प्राचीन ज्ञान, आधुनिक अनुप्रयोग: कामन्दक का सूत्र आज भी प्रासंगिक क्यों है? कीवर्ड: कामन्दकीय नीतिसार श्लोक 82, कार्य की प्रधानता, व्यावहारि...
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क्या तकनीक और सत्य के बीच की यह दूरी बांटी जा सकती है? कीवर्ड्स: सत्य और डिजिटल युग, फेक न्यूज, सोशल मीडिया सत्य संकट, गीता में सत्य, जैन दर...
नेतृत्व का शिखर: नीति, पुरुषार्थ और शुद्धि से चमकता हुआ, शरद चंद्र समान। कीवर्ड: कामन्दकीय नीतिसार श्लोक 87, शरद चंद्रमा जैसा राजा, आदर्श ने...
करुणा एक अभ्यास है, और यह आपके मानसिक स्वास्थ्य की नींव रख सकती है कीवर्ड- करुणा, मानसिक स्वास्थ्य, सेल्फ कंपैशन, दया, बौद्ध दर्शन, मानसिक त...
कल्पना कीजिए, आपकी टीम के दो सबसे बेहतरीन सदस्य आपस में उलझ गए हैं। एक तरफ आपका वफादार सहयोगी है, दूसरी तरफ अनुभवी मंत्री। किसी का पक्ष लेंग...
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत..." - जब-जब धर्म का नाश होता है कीवर्ड: न्याय और राजनीति, गीता में न्याय, नैतिक राजनीति, सामाजिक न...
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