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कामन्दकीय नीतिसार: परशुराम के प्रताप का रहस्य

बचपन में एक कथा सुनी थी दो राजाओं के बीच युद्ध की तैयारी हो रही थी। सेनाएँ सज चुकी थीं और रणभेरी बज उठी थी। तभी एक पक्ष को ज्ञात हुआ कि उ...

Anand Singh Dhami 26 अग॰, 2026

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कामन्दकीय नीतिसार: परशुराम के प्रताप का रहस्य

बचपन में एक कथा सुनी थी दो राजाओं के बीच युद्ध की तैयारी हो रही थी। सेनाएँ सज चुकी थीं और रणभेरी बज उठी थी। तभी एक पक्ष को ज्ञात हुआ कि उ...

Anand Singh Dhami 26 अग॰, 2026

विदुर नीति में परिवार प्रबंधन

विदुर नीति को आजकल अक्सर परिवार, रिश्तों और व्यक्तिगत जीवन के लिए तैयार किसी प्राचीन “मैनेजमेंट गाइड” की तरह प्रस्तुत किया जाता है। इंटरनेट...

Anand Singh Dhami 25 अग॰, 2026

शक्ति के सामने विनय का रहस्य

भारतीय नीति-साहित्य की एक अद्भुत विशेषता यह है कि वह जीवन को केवल नैतिक उपदेशों के दायरे में नहीं देखता। वह मनुष्य, समाज, राज्य, शक्ति, सम...

Anand Singh Dhami 24 अग॰, 2026

विदुर नीति मित्र शत्रु की पहचान

किसी आदमी का असली स्वभाव तब नहीं खुलता, जब उसके दिन अच्छे चल रहे हों। असली पहचान तब होती है, जब उसके सामने किसी दूसरे की सफलता आती है, जब ...

Anand Singh Dhami 23 अग॰, 2026

बलवान के सामने युद्ध या नीति?

राजनीति और रणनीति का इतिहास बताता है कि कई बार संघर्ष से अधिक महत्वपूर्ण यह तय करना होता है कि संघर्ष कब किया जाए। कामन्दकीय नीतिसार के ...

Anand Singh Dhami 22 अग॰, 2026

सफल राजा के गुण: विदुर नीति

किसी राजा के सामने दो सलाहकार खड़े हैं। एक वही कहता है जो राजा सुनना चाहता है। दूसरा वह कहता है जो राजा को सुनना चाहिए। पहला सुख देता है, ...

Anand Singh Dhami 21 अग॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार 9.48: सिंह और संधि

कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग राजाओं के पारस्परिक संबंधों, युद्ध और संधि जैसे विषयों से जुड़ा है। इसी क्रम में यह श्लोक आता है- ईषदायच्...

Anand Singh Dhami 20 अग॰, 2026