नीतिसार: शत्रु पर वार का गुप्त नियम
कामन्दकीय नीतिसार का श्लोक 71 युद्ध में प्रत्यक्ष शक्ति के बजाय राजनीतिक संबंधों के उपयोग की एक रोचक स्थिति सामने रखता है। आक्रांत राजा को ...
कामन्दकीय नीतिसार का श्लोक 71 युद्ध में प्रत्यक्ष शक्ति के बजाय राजनीतिक संबंधों के उपयोग की एक रोचक स्थिति सामने रखता है। आक्रांत राजा को ...
कामन्दकीय नीतिसार का श्लोक 71 युद्ध में प्रत्यक्ष शक्ति के बजाय राजनीतिक संबंधों के उपयोग की एक रोचक स्थिति सामने रखता है। आक्रांत राजा को ...
बिना लड़े शत्रु को युद्ध हराने की कला क्या है? एक शक्तिशाली शत्रु आपके राज्य पर चढ़ाई कर रहा है। आपकी सेना उसके मुकाबले कमजोर है। संसाध...
सिंहासन कितना भी सुदृढ़ क्यों न हो, शासन अकेले राजा के बल पर नहीं टिकता। राजा की शक्ति उसके साथ काम करने वाले लोगों से आकार पाती है। राज्य ...
जब तलवार से भी तेज़ चलती है कलम मैं जब पहली बार कामन्दकीय नीतिसार के इस श्लोक पर रुका, तो मुझे ऐसा लगा मानो कोई हज़ारों वर्ष पुराना गुरु क...
कामन्दक का 'नीतिसार' कौटिल्यीय अर्थशास्त्र की समृद्ध परम्परा का एक प्रामाणिक सार-संक्षेप है। इसके नवम सर्ग का शीर्षक 'अभियोगविध...
किसी पर विश्वास करना मनुष्य के जीवन की सबसे स्वाभाविक प्रवृत्तियों में से एक है। विश्वास से संबंध बनते हैं, संकोच दूर होता है और काम भी सह...
कुछ लोग बिना शोर मचाए, बिना अपनी ताकत दिखाए, चुपचाप किसी का भी भरोसा कैसे जीत लेते हैं? वो न तो चापलूसी करते हैं, न ही दबाव बनाते हैं फिर भ...