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कामन्दकीय नीतिसार श्लोक 9.78

राजनीति और कूटनीति में हर कदम एक जोखिम होता है। एक संधि राज्य की सुरक्षा, शक्ति और राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए संधि के न...

Anand Singh Dhami 24 सित॰, 2026

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कामन्दकीय नीतिसार श्लोक 9.78

राजनीति और कूटनीति में हर कदम एक जोखिम होता है। एक संधि राज्य की सुरक्षा, शक्ति और राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए संधि के न...

Anand Singh Dhami 24 सित॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार 9.77 का रहस्य जानें

कुछ संघर्ष कभी खत्म नहीं होते। बातचीत की मेज सजती है, समझौतों के प्रस्ताव रखे जाते हैं, लेकिन विरोधी पक्ष टस से मस होने को तैयार नहीं होता।...

Anand Singh Dhami 23 सित॰, 2026

नीतिसार: युद्ध से पहले संधि के नियम

कामन्दकीय नीतिसार का श्लोक 76 ऐसी राजनीतिक स्थिति सामने रखता है, जब किसी राजा पर दूसरे पक्ष की ओर से दबाव हो या आक्रमण हो रहा हो। ऐसी परिस्...

Anand Singh Dhami 22 सित॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार और युद्ध की अनिश्चितता

युद्ध में उतरने का निर्णय बाहर से जितना सीधा दिखाई देता है, भीतर से उतना ही जटिल होता है। किसी राजा या राज्य के सामने जब संघर्ष का विकल्प आ...

Anand Singh Dhami 21 सित॰, 2026

नीतिसार 9.74: युद्ध टालें, शक्ति बचाएँ

राजनीति में संघर्ष कभी-कभी टाला नहीं जा सकता। लेकिन क्या हर विवाद का उत्तर संघर्ष ही होना चाहिए? कामन्दकीय नीतिसार 9.74 इसी प्रश्न को बहुत...

Anand Singh Dhami 20 सित॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार 9.73: युद्ध की कीमत

युद्ध शुरू करना केवल रणभूमि में सेना भेजने का निर्णय नहीं है। उसके साथ मनुष्य, धन, साधन और राज्य की स्थिरता भी दाँव पर लगती है। इसलिए किसी ...

Anand Singh Dhami 19 सित॰, 2026

नीतिसार: शत्रु पर वार का गुप्त नियम

कामन्दकीय नीतिसार का श्लोक 71 युद्ध में प्रत्यक्ष शक्ति के बजाय राजनीतिक संबंधों के उपयोग की एक रोचक स्थिति सामने रखता है। आक्रांत राजा को ...

Anand Singh Dhami 18 सित॰, 2026