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कामन्दकीय नीतिसार – अष्टम सर्ग (मण्डलशोधनप्रकरणम्)

कामन्दकीय नीतिसार का अष्टम सर्ग (मण्डलशोधनप्रकरणम्) राज्यों के पारस्परिक सम्बन्धों, शत्रु-मित्र-व्यूहरचना, एवं विजिगीषु (विजयेच्छु राजा) ...

Anand Singh Dhami 16 अग॰, 2026

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कामन्दकीय नीतिसार – अष्टम सर्ग (मण्डलशोधनप्रकरणम्)

कामन्दकीय नीतिसार का अष्टम सर्ग (मण्डलशोधनप्रकरणम्) राज्यों के पारस्परिक सम्बन्धों, शत्रु-मित्र-व्यूहरचना, एवं विजिगीषु (विजयेच्छु राजा) ...

Anand Singh Dhami 16 अग॰, 2026

जब सही सलाह सत्ता से हार जाती है

किसी भी परिवार, संस्था या राष्ट्र का संकट केवल तब शुरू नहीं होता, जब संघर्ष दिखाई देने लगता है। अक्सर संकट उससे बहुत पहले जन्म ले चुका होता...

Anand Singh Dhami 15 अग॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार 9.46

“सङ्घातवान् यथा वेणुर्निबिडः कण्टकैर्वृतः । न शक्यते समुच्छेत्तुं भ्रातृसङ्घातवांस्तथा ॥” बाँसों का एक सघन झुरमुट जो चारों ओर से काँटों...

Anand Singh Dhami 14 अग॰, 2026

विदुर नीति में मूढ़ के लक्षण

महाभारत के उद्योगपर्व के अंतर्गत ‘प्रजागरपर्व’ में विदुर, राजा धृतराष्ट्र को नीति, धर्म और राजकाज की बातें समझाते हैं। इसी क्रम में वे पहल...

Anand Singh Dhami 13 अग॰, 2026

Kamandakiya Nitisara sarg7-Royal Security

कामन्दकीय नीतिसार का सप्तम सर्ग (राजपुत्ररक्षणप्रकरणम् एवं आत्मरक्षणप्रकरणम्) राजा के उत्तराधिकारियों के अनुशासन एवं संस्कार, तथा राजा की...

Anand Singh Dhami 12 अग॰, 2026