कामन्दकीय नीतिसार और दण्ड नीति की आधुनिक प्रासंगिकता
क्या आपने कभी सोचा है कि कोई अपराधी या भ्रष्ट नेता अगर खुलेआम कानून का मज़ाक उड़ाए और शासन चुपचाप देखता रहे तो जनता का विश्वास कितनी जल्दी...
क्या आपने कभी सोचा है कि कोई अपराधी या भ्रष्ट नेता अगर खुलेआम कानून का मज़ाक उड़ाए और शासन चुपचाप देखता रहे तो जनता का विश्वास कितनी जल्दी...
किसी भी समाज को देख लीजिए। जहाँ नियम कमजोर होते हैं, वहाँ विकास लड़खड़ा जाता है। और जहाँ अनुशासन मजबूत होता है, वहाँ शांति और समृद्धि दोनों...