शत्रु की संधि चाल: कामंदकीय नीतिसार
प्रायः यह मान लिया जाता है कि जो पक्ष संकट में होता है, उसे समझौते की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। वह अपनी रक्षा के लिए संधि का सहारा लेता ह...
प्रायः यह मान लिया जाता है कि जो पक्ष संकट में होता है, उसे समझौते की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। वह अपनी रक्षा के लिए संधि का सहारा लेता ह...
राजनीति में हर युद्ध इसलिए नहीं लड़ा जाता कि कोई पक्ष निश्चित रूप से जीत सकता है। कई बार युद्ध इसलिए शुरू होता है क्योंकि दोनों पक्ष अपनी श...
जब किसी राज्य के सामने केवल दो ही मार्ग शेष रह जाते हैं; युद्ध या संधि तब सही निर्णय केवल इस बात से तय नहीं होता कि उसकी सैन्य शक्ति कितनी ...
जब भी राजनीति विज्ञान की चर्चा होती है, तो अक्सर प्लेटो, अरस्तू, मैकियावेली के नाम प्राथमिकता से आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत क...
क्या जीत से भी बड़ी है प्रजा की खुशी? अक्सर हम सफलता को युद्ध जीतने, प्रतिस्पर्धियों को पछाड़ने या शक्ति हासिल करने से मापते हैं। लेकिन क्...
एक सामान्य धारणा है कि यदि कोई हमारा शत्रु है, तो उसे पूरी तरह समाप्त कर देना ही सबसे अच्छा उपाय है। लेकिन क्या ऐसा करना हमेशा सही होता ...