Indian Diplomacy

शत्रु की संधि चाल: कामंदकीय नीतिसार

प्रायः यह मान लिया जाता है कि जो पक्ष संकट में होता है, उसे समझौते की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। वह अपनी रक्षा के लिए संधि का सहारा लेता ह...

Anand Singh Dhami 10 सित॰, 2026

कामंदकीय नीतिसार : समान शक्ति में संधि क्यों?

राजनीति में हर युद्ध इसलिए नहीं लड़ा जाता कि कोई पक्ष निश्चित रूप से जीत सकता है। कई बार युद्ध इसलिए शुरू होता है क्योंकि दोनों पक्ष अपनी श...

Anand Singh Dhami 7 सित॰, 2026

कामंदकीय नीतिसार: युद्ध या संधि?

जब किसी राज्य के सामने केवल दो ही मार्ग शेष रह जाते हैं; युद्ध या संधि तब सही निर्णय केवल इस बात से तय नहीं होता कि उसकी सैन्य शक्ति कितनी ...

Anand Singh Dhami 6 सित॰, 2026

कामन्दकीय नीतिसार: राजनीति का अमूल्य ग्रंथ

जब भी राजनीति विज्ञान की चर्चा होती है, तो अक्सर प्लेटो, अरस्तू, मैकियावेली के नाम प्राथमिकता से आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत क...

Anand Singh Dhami 5 जून, 2026

जीत से बड़ी शांति | कामन्दक नीति

क्या जीत से भी बड़ी है प्रजा की खुशी? अक्सर हम सफलता को युद्ध जीतने, प्रतिस्पर्धियों को पछाड़ने या शक्ति हासिल करने से मापते हैं। लेकिन क्...

Anand Singh Dhami 22 मई, 2026

कामन्दकीय नीतिसार: शक्ति संतुलन की नीति

एक सामान्य धारणा है कि यदि कोई हमारा शत्रु है, तो उसे पूरी तरह समाप्त कर देना ही सबसे अच्छा उपाय है। लेकिन क्या ऐसा करना हमेशा सही होता ...

Anand Singh Dhami 14 मई, 2026