राजा का संयम: नीतिसार सीख
नेता की एक गलती और पूरा समाज जाग जाता है? जिस दिन नेता सो जाए, उसी दिन जनता जागना शुरू कर देती है। यह पंक्ति सरल लगती है, पर इसके भीतर न...
नेता की एक गलती और पूरा समाज जाग जाता है? जिस दिन नेता सो जाए, उसी दिन जनता जागना शुरू कर देती है। यह पंक्ति सरल लगती है, पर इसके भीतर न...
कभी महसूस किया है कि सब कुछ ठीक होते हुए भी मन बेचैन रहता है? यही वो पल है जब श्रीकृष्ण की बातें याद आती हैं, असली शांति बाहर नहीं, हमार...
ध्यान और आत्मनिरीक्षण से ही कामवासना पर नियंत्रण संभव है Keyword: आत्मसंयम का महत्व परिचय क्या आपने कभी सोचा है कि, किसी के नाम मात्र से आप...
कामंदकी नीति सार में पाँच विकारों – काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार – को विष के समान बताया गया है। यदि इनमें से एक भी व्यक्ति के जीवन में अधि...
कामंदकी नीति सार में मछली के उदाहरण द्वारा यह समझाया गया है कि कैसे लोभ और आकर्षण व्यक्ति को विनाश की ओर ले जाते हैं। जल की गहराइयों में रहन...
दीपक की लौ सुंदर होती है। वह अंधकार को मिटाती है, रास्ता दिखाती है। लेकिन उसी लौ की ओर उड़ता कीट, सुंदरता नहीं देखता, केवल आकर्षण देखता है औ...
कामन्दकी नीतिसार एक महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथ है जो भारतीय दर्शन और नीति शास्त्र की जटिलताओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। इसके अन...