Self Control

राजा का संयम: नीतिसार सीख

नेता की एक गलती और पूरा समाज जाग जाता है? जिस दिन नेता सो जाए, उसी दिन जनता जागना शुरू कर देती है। यह पंक्ति सरल लगती है, पर इसके भीतर न...

Anand Singh Dhami 12 जन॰, 2026

भगवद्गीता में मन की शांति कैसे पाएं | जीवन में संतुलन

कभी महसूस किया है कि सब कुछ ठीक होते हुए भी मन बेचैन रहता है? यही वो पल है जब श्रीकृष्ण की बातें याद आती हैं, असली शांति बाहर नहीं, हमार...

Anand Singh Dhami 7 नव॰, 2025

कामवासना का प्रभाव: आत्मसंयम क्यों जरूरी?

ध्यान और आत्मनिरीक्षण से ही कामवासना पर नियंत्रण संभव है Keyword: आत्मसंयम का महत्व परिचय क्या आपने कभी सोचा है कि, किसी के नाम मात्र से आप...

Anand Singh Dhami 11 मार्च, 2025

कामंदकी नीतिसार – पाँच विकार और उनका विनाशकारी प्रभाव

कामंदकी नीति सार में पाँच विकारों – काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार – को विष के समान बताया गया है। यदि इनमें से एक भी व्यक्ति के जीवन में अधि...

Anand Singh Dhami 7 मार्च, 2025

लोभ और विनाश – मछली का उदाहरण और जीवन का सबक

कामंदकी नीति सार में मछली के उदाहरण द्वारा यह समझाया गया है कि कैसे लोभ और आकर्षण व्यक्ति को विनाश की ओर ले जाते हैं। जल की गहराइयों में रहन...

Anand Singh Dhami 5 मार्च, 2025

इंद्रिय सुख का आकर्षण और उसका विनाशकारी प्रभाव

दीपक की लौ सुंदर होती है। वह अंधकार को मिटाती है, रास्ता दिखाती है। लेकिन उसी लौ की ओर उड़ता कीट, सुंदरता नहीं देखता, केवल आकर्षण देखता है औ...

Anand Singh Dhami 4 मार्च, 2025

आत्मा, मन और आंतरिक इंद्रियां

कामन्दकी नीतिसार एक महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथ है जो भारतीय दर्शन और नीति शास्त्र की जटिलताओं को सरल रूप में प्रस्तुत करता है। इसके अन...

Anand Singh Dhami 22 फ़र॰, 2025