विश्वासघाती मित्र: कामन्दक नीति
“भोग पाकर विकृत मित्र - उसे पहले समझाएँ, फिर अनुशासित करें, अन्त में अलग करें”, यह सूत्र कामन्दकीय नीतिसार से लिया गया है। यह प्राचीन भार...
“भोग पाकर विकृत मित्र - उसे पहले समझाएँ, फिर अनुशासित करें, अन्त में अलग करें”, यह सूत्र कामन्दकीय नीतिसार से लिया गया है। यह प्राचीन भार...