kamandaki neetisar

दूषित भोजन की पहचान | कामंदकी नीतिसार से सीख

क्या आप जानते हैं कि हमारे प्राचीन आचार्य विषमिश्रित भोजन के लक्षण पहचानने की बारीकियाँ पहले ही बता चुके थे? परिचय कामंदकी नीतिसार के...

Anand Singh Dhami 17 अक्टू॰, 2025

जो प्रत्यक्ष नहीं है, वह निष्क्रिय नहीं है - प्रभाव ही पहचान है!

अदृश्य प्रयासों की पहचान उनके प्रभाव से होती है जो प्रत्यक्ष नहीं, वह निष्क्रिय नहीं - प्रभाव ही उसकी पहचान है! भारत की ...

Anand Singh Dhami 30 मई, 2025

कामन्दकी नीतिसार: राजा के सेवकों के आवश्यक गुण

True strength of a kingdom lies in wise, loyal, and capable servants guided by knowledge and...

Anand Singh Dhami 22 मई, 2025

सौहार्दपूर्ण आचरण: जीवन की सफलता की कुंजी

कामन्दकी नीतिसार से सीखें सौहार्दपूर्ण आचरण के सिद्धांत और जानें कैसे यह जीवन की सफलता की कुंजी बन सकता है। ...

Anand Singh Dhami 20 अप्रैल, 2025

पाँच इंद्रियाँ अस्तित्व की आधार

कामंदकी नीति सार के अनुसार, पाँच इंद्रियाँ – दृष्टि, स्पर्श, सुंदर वस्तुओं को देखना, स्वाद और गंध – किसी भी जीव के अस्तित्व को बनाए रखने के ...

Anand Singh Dhami 1 मार्च, 2025

मन पर विजय के बिना विश्व पर अधिकार असंभव

कामंदकी नीति सार के अनुसार, जो व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित नहीं कर सकता, वह समुद्र से घिरी इस धरती (चक्रवर्ती सम्राट के विशाल साम्र...

Anand Singh Dhami 26 फ़र॰, 2025

कामंदकी नीति: मन की अनासक्ति और संयम

हमारा मन हर समय किसी न किसी विचार, भावना या इच्छा में उलझा रहता है। यह इच्छाएँ आंतरिक और बाह्य इंद्रियों से उत्पन्न होती हैं। जब हम ...

Anand Singh Dhami 23 फ़र॰, 2025