व्यसन नीति: शत्रु की कमजोरी समझें
राजनीति में किसी प्रतिद्वंद्वी को केवल उसकी सेना, धन या बाहरी शक्ति से नहीं समझा जा सकता। प्राचीन भारतीय राजनीति में व्यसन नीति इसी सूक्ष...
राजनीति में किसी प्रतिद्वंद्वी को केवल उसकी सेना, धन या बाहरी शक्ति से नहीं समझा जा सकता। प्राचीन भारतीय राजनीति में व्यसन नीति इसी सूक्ष...
प्राचीन भारतीय कूटनीति में युद्ध अंतिम उपाय माना गया है। जब दो समान रूप से महत्त्वाकांक्षी शक्तियाँ एक ही लक्ष्य पर अड़ जाएँ, तो टकराव स्वा...
प्राचीन भारतीय राजनीति और युद्धशास्त्र के इतिहास में आचार्य कामन्दक का नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता है। उनके द्वारा रचित ग्रन्थ ‘कामन्दक...
कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग (सन्धिविकल्पप्रकरणम्) भारतीय राजनय-परम्परा में संधि-विग्रह के सूक्ष्म वर्गीकरण, संधि-योग्य एवं अनुपयुक्त रा...
सिंहासन कितना भी सुदृढ़ क्यों न हो, शासन अकेले राजा के बल पर नहीं टिकता। राजा की शक्ति उसके साथ काम करने वाले लोगों से आकार पाती है। राज्य ...