कामन्दकीय नीतिसार। विग्रह नीति
कामन्दकीय नीतिसार में विग्रह का अर्थ दो व्यक्तियों के बीच झगड़ा क्यों होता है? दो राष्ट्रों के बीच युद्ध क्यों छिड़ता है? क्या इसका कारण...
कामन्दकीय नीतिसार में विग्रह का अर्थ दो व्यक्तियों के बीच झगड़ा क्यों होता है? दो राष्ट्रों के बीच युद्ध क्यों छिड़ता है? क्या इसका कारण...
कामन्दकीय नीतिसार का नवम सर्ग (सन्धिविकल्पप्रकरणम्) भारतीय राजनय-परम्परा में संधि-विग्रह के सूक्ष्म वर्गीकरण, संधि-योग्य एवं अनुपयुक्त रा...
राजनीति और कूटनीति में हर कदम एक जोखिम होता है। एक संधि राज्य की सुरक्षा, शक्ति और राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए संधि के न...
कुछ संघर्ष कभी खत्म नहीं होते। बातचीत की मेज सजती है, समझौतों के प्रस्ताव रखे जाते हैं, लेकिन विरोधी पक्ष टस से मस होने को तैयार नहीं होता।...
कामन्दकीय नीतिसार का श्लोक 76 ऐसी राजनीतिक स्थिति सामने रखता है, जब किसी राजा पर दूसरे पक्ष की ओर से दबाव हो या आक्रमण हो रहा हो। ऐसी परिस्...